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Friday, May 6, 2016

क्रोधित त्वरा विचलित गगन


(१)
क्रोधित त्वरा 
विचलित गगन
शांत वसुधा
(२)
तरल नीर
फौलाद सी चट्टानें 
श्रृंगार मेरा  
(३) 
तेरी बिजली 
चमका जाती मेरा 
सुन्दर रूप 
(४)
खिल जाते हैं 
प्रकाश प्रसून भी 
मेरे तन पे 
(५)
भय न जानूँ
वसुधा मेरा नाम 
धैर्य महान 
 (६)
क्रूर घटायें
हथकड़ी बिजली 
शिकार धरा 
 (७)
डरा न पाईं 
बिजली की बेड़ियाँ
धरा मुस्काई 
(८)
और चमको
ढूँढना है मुझको 
खोया ठिकाना 
(९)
जलाता टॉर्च
गगन का प्रहरी 
ढूँढ लो राह 
(१०)
जाल बिछाये 
मछुआरा नभ में 
तारों के लिये 
(११)
छिपा है चाँद 
घनेरी घटाओं में 
खोजे दामिनी 
(१२)
निर्मम घटा 
बिजली की चाबुक 
सहमी धरा 
(१३)
डराती घटा 
घनघोर गर्जन 
हँसती धरा 
(१४)
दे चेतावनी 
गरजी तो बरस 
साहसी धरा 
(१५)
दे आश्वासन 
एक बूँद सौ दाने 
उर्वरा धरा 


साधना वैद