Sudhinama
Sunday, January 30, 2011
चूक
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कहीं तो चूक हुई है वरना वर्षों से अंतरतम के निर्जन कोने में संकलित, संग्रहित निश्च्छल प्रार्थनाएं सुने बिना ही देवता यूँ रूठ न जाते और वे प...
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Thursday, January 27, 2011
दिव्यदृष्टि
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वह बैठा है एक आलीशान होटल के बाहर पेड़ के ऊँचे गहरे कोटर में . सजग , सतर्क , खामोश , विरक्त और देख रहा है साँस रोके बेरहम ...
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Wednesday, January 19, 2011
आहट
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कहीं यह तुम्हारे आने की आहट तो नहीं ! घटाटोप अन्धकार में आसमान की ऊँचाई से मुट्ठी भर रोशनी लिये किसी धुँधले से तारे की एक दुर्बल सी किरण धरा...
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Sunday, January 16, 2011
उड़ चला मन
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इन्द्रधनुषी आसमानों से परे, प्रणय की मदमस्त तानों से परे, स्वप्न सुख के बंधनों से मुक्त हो, कल्पना की वंचनाओं से परे, उड़ चला मन राह अपनी खोज...
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Wednesday, January 5, 2011
एक मीठी सी मुलाक़ात
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दो नितांत अजनबी व्यक्तियों के दिलों के तार गिनी चुनी फोन कॉल्स और चंद दिनों की यदा कदा चैटिंग के बाद स्नेह के सुदृढ़ सूत्र में कैसे बँध जा...
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Friday, December 31, 2010
स्वागतम् नव वर्ष
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नया साल २०११ आप सभीके लिये मंगलमय हो और आपकी हर मनोकामना पूर्ण हो यही शुभकामना है ! हर्ष और उल्लास का बन कर प्रतीक सुबह का सूरज गगन पर है चढ़...
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यह साल भी आखिर बीत गया
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साल का अंत हमें हमेशा पीछे मुड़ कर देखने के लिये मजबूर करता है और कम से कम मुझे तो उदास कर जाता है ! कल नया वर्ष आरम्भ होगा हम उत्साह और जोश ...
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