Sudhinama
Tuesday, June 9, 2026
अजब तेरी लीला
›
औरतों ने पुरुषों की तरह पैसे कमाए तो भी किसीने उन्हें शाबाशी नहीं दी औरतों ने पुरुषों की तरह घर की बागडोर सम्हाली उन्हें तब भी किसी ने ...
4 comments:
Sunday, May 31, 2026
फूल और काँटे
›
फूलों की चाह है तो काँटों को चुनना होगा उड़ने की चाह है तो पंखों को खुलना होगा ऐसे ही नहीं होती हर चाहत किसी की पूरी कुछ बनने की चाह है ...
1 comment:
›
प्यारी बिटिया कितनी मोहक कितनी आकर्षक है तुम्हारे अधरों पर ठिठकी यह मुस्कान ! कितना लुभा रहे हैं तुम्हारे खुले बिखरे ये बाल ! लगता ह...
5 comments:
Saturday, May 30, 2026
तू आस पास है - अलिवर्ण पाद छंद
›
गहरा सागर उत्ताल तरंगें कम्पित बदन कूल न किनारा घना अँधियारा व्याकुल है मन ! लम्बी पगडंडी दूर है मंज़िल थके हुए पाँव ...
1 comment:
Sunday, May 17, 2026
ग्रीष्म ऋतु
›
आ ही गयी ग्रीष्म ऋतु भी ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी और विकट गर्मी से व्याकुल प्राण स्वेद बिन्दुओं से सिक्त बोझिल अंग शिथिल शरीर और कल...
3 comments:
Saturday, May 16, 2026
परिवार - हाइकु
›
वटवृक्ष सा हमारा परिवार शीतल छाँव मासूम बच्चे करते कलरव गूँजता घर बाबा की सीख दादी की कहानियाँ हमारी नींव चाचा का लाड़ चाचियों का द...
2 comments:
Friday, May 15, 2026
नसीहत
›
सद्कर्मों का सद्परिणाम धीरज से तुम लेना काम रखना तुम खुद पर विश्वास पूरी होगी हर इक आस ! मिहनत से होता है नाम करना होगा तुमको काम घबर...
‹
›
Home
View web version