Sudhinama
Monday, February 28, 2011
मैं खड़ी हूँ आज भी उस मोड़ पर
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जिस्म ने तय कर लिये कई फासले , उम्र भी है चढ़ चुकी कई सीढ़ियाँ , रूह उस लम्हे में लेकिन क़ैद है , जो न बीता था , न बीत...
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Monday, February 21, 2011
आये थे तेरे शहर में
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आये थे तेरे शहर में मेहमान की तरह, लौटे हैं तेरे शहर से अनजान की तरह ! सोचा था हर एक फूल से बातें करेंगे हम, हर फूल था मुझको तेरे हमनाम की ...
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Friday, February 18, 2011
छज्जू का चौबारा
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छज्जू के चौबारे में काव्य पाठ बहुत दिनों से आप सबके साथ अपने इस सुखद अनुभव को...
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Tuesday, February 15, 2011
कल रात ख्वाब में
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कल रात ख्वाब में मैं तुम्हारे घर के कितने पास पहुँच गयी थी ! तुम्हारी नींद ना टूटे इसलिये मैंने दूर से ही तुम्हारे घर के...
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Wednesday, February 9, 2011
तम्हें न्याय मिलना चाहिए आरुषी
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आरुषी ह्त्या काण्ड में सी बी आई की क्लोज़र रिपोर्ट पर न्यायालय के फैसले ने धीमी न्यायप्रक्रिया पर डिगती आस्था को थोड़ा सा सहारा दिया है ! वरना...
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Monday, February 7, 2011
मुझे मत पुकारो
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मैंने तो अंतस को उजागर करने के लिये तेरी यादों की प्रखर ज्वाला को मन के हर कोने में प्रज्वलित किया था , ये गीली लकड़ियों की कसैली, सीली-सीली...
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Wednesday, February 2, 2011
रहनुमां
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जब-जब मैंने ज़माने के साथ सुखों की राह पर कदम दर कदम संग चलने की कोशिश की है पता नहीं कहाँ से दुःख पीछे से आकर मेरा आँचल पकड़ मुझे रोक...
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