Sudhinama
Thursday, May 17, 2012
लकीरें
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हाथों की लकीरों में ज़िंदगी उसी तरह उलझ गयी है जैसे बहुरंगी स्वेटर बुनते वक्त सारी ऊनें उलझ जाती हैं और जब तक उन्हें...
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Friday, May 11, 2012
ममता की छाँव
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आने वाला रविवार मातृ दिवस के रूप में मनाया जाने वाला है ! माँ की याद, उनके प्रति अपनी श्रद्धा या समर्पण...
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Sunday, May 6, 2012
ओ नन्हे से परिंदे !
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ओ नन्हें से परिंदे मुझे तुमसे बहुत कुछ सीखना है ! सीखना है कि दिन भर की अपनी थकान को सहज ही भुला तुम अपने छो...
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Tuesday, May 1, 2012
पढ़ी लिखी लड़की____
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श्रम दिवस के उपलक्ष्य में विशेष सड़क मार्ग से सफर करो तो कई बार ट्रक्स के पीछे बड़ी शानदार शायरी पढ़ने के लिये मिल जाती है ! ऐसे ही एक...
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Wednesday, April 25, 2012
बस ! अब और नहीं ___
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कब तक मुट्ठी में बँधे चंद गीले सिक्ता कणों की नमी में मैं समंदर के वजूद को तलाशती रहूँ जो बालारूण की पहली किरण के साथ ही व...
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Monday, April 23, 2012
पाण्डुचेरी में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के चुनाव के लिये मतदान
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आज २३ अप्रेल २०१२ के दैनिक जागरण में एक अच्छा समाचार पढ़ने के लिये मिला ! जानकारी मिली कि फ्रांस के पूर्व उपनिवेश पाण्डुचेरी में फ्रांसीसी...
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Saturday, April 14, 2012
दर्दे ज़हर
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हम भी चुप थे वो भी चुप थे सब गाफिल थे अपने में , दिल के ज़ख्मों के मरहम को इक जुमला ही काफी था ! किसने किसको कितना चाहा नाप तोल ...
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