Sudhinama
Sunday, April 21, 2013
शब्दों की बैसाखी
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शब्दों की बैसाखियों के सहारे शिथिल चाल से मंज़िल तक पहुँचने का हर उपक्रम विफल सा क्यों हो जाता है ! बीतते समय के साथ ह...
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Wednesday, April 17, 2013
मन की बातें – कुछ और हाईकू
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१ दिया औ' बाती अँधियारा मिटाती आस्था जगाती ! २ मानिनी हूँ मैं हक से ही पाऊँगी भिक्षा न देना ! ३ ...
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Monday, April 15, 2013
चंद हाईकू
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१ सुमन खिले शब्दों के रत्न जड़े हृदय जुड़े ! २ बावरा मन छूने चला गगन पंछियों संग ! ३ सजन मिले मन के ...
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Sunday, April 7, 2013
भारत में शिक्षा की सही तस्वीर -- एक भिन्न दृष्टिकोण
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जिस तरह एक तस्वीर दर्शक के समक्ष सोचने समझने के लिये असंख्य आयाम बिना कुछ कहे ही खोल देती है उसी तरह शब्दों के जाल में उलझे बिना यदि...
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