Sudhinama
Monday, December 9, 2013
फिर वही ढाक के तीन पात
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चार राज्यों में चुनाव के परिणामों ने आज सच में भारत में महोत्सव का माहौल बना दिया है ! वर्षों की मायूसी, मोह भंग एवँ जद्दोजहद की ज़...
Friday, December 6, 2013
जीवन बदरंग
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खाली बर्तन चुक गया ईंधन भूखा है तन ! कैसा जीवन पिसता बचपन रीता है मन ! नहीं उमंग जीवन बदरंग ...
Tuesday, December 3, 2013
और क्या चाहिये....
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एक चित्र-गीत चाँद और तारों भरी सुहानी रात है, स्निग्ध शीतल चाँदनी की अमृत भरी बरसात है, वादी के ज़र्रे-ज़र्रे में उतरे ...
1 comment:
Sunday, December 1, 2013
शुक्रिया ऐ ज़िंदगी
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साधना वैद
Thursday, November 28, 2013
आराधना
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किस तरह बालारुण की एक नन्ही सी रश्मि सागर की अनगिनत लहरों में प्रतिबिंबित हो उसके पकाश को हज़ारों गुना विस्तीर...
Monday, November 25, 2013
चल उठ राही ....
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मंज़िल की दूरी को लख कर राही तू रुक जाना ना , पथ के सन्नाटों से डर कर राही तू मुड़ जाना ना , पलक बिछाये बैठे हैं सब शूल,...
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