Sudhinama

Wednesday, May 3, 2017

नमन तुम्हें हे भुवन भास्कर

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नमन तुम्हें हे भुवन भास्कर ! स्वर्ण किरण के तारों से नित बुनी सुनहरी धूप की चादर नमन तुम्हें हे भुवन भास्कर !   शेष हुआ साम्...
Monday, May 1, 2017

कथनी और करनी

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कितनी मुश्किल चुनौतियों का संकल्प ले लिया है रे तू ने मूरख मन ! कथनी और करनी में कितना अंतर होता है कभी यह भी जाना है ? यह अंतर दोनों ...
Sunday, April 30, 2017

प्यासा मन

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रीती गागर  गहरा सरवर रीता अंतर  प्यासा है मन  प्यासा है मधुबन  प्यासा जीवन  अब तो आओ  तृषित हृदय की  प्यास बुझ...
Thursday, April 27, 2017

मैं नदी हूँ

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बहती रही  अथक निरंतर  मैं सदियों से  करती रही  धरा अभिसिन्चित मैं सदियों से  साधना वैद
Thursday, April 20, 2017

अंतहीन सिन्धु सा तेरा अंतर माँ

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अंतहीन सिन्धु सा तेरा अंतर माँ सर्वोच्च स्थान आदि शक्ति माता का शाश्वत सत्य असीम नभ अपरिमित ...
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मैं एक भावुक, संवेदनशील एवं न्यायप्रिय महिला हूँ यथासंभव लोगों में खुशियाँ बाँटना मुझे सुख देता है

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