Sudhinama

Friday, February 23, 2018

साँझ हो गई

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साँझ हो गई लौट चला सूरज  अपने घर  उमड़ पड़ा स्वागत को आतुर  स्नेही सागर  क्लांत सूर्य ने  अतल जलधि में  लिया बसेरा  ...
Tuesday, February 20, 2018

वजह

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बड़ा उदास है आज दिल   मेरी प्यारी बुलबुल   कुछ तो जी बहला जा   हर एक शै है दिल पर भारी   तू कोई तो गीत सुना ज...
Saturday, February 10, 2018

इन्हें भी सम्मान से जीने दें

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इसे सामाजिक न्याय व्यवस्था की विडम्बना कहा जाये या विद्रूप कि जिन वृद्धजनों के समाज और परिवार में सम्मान और स्थान के प्रति तमाम समाजसेवी...
Wednesday, February 7, 2018

पहाड़ी नदी

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स्वर्ग से नीचे धरा पर उतरी पहाड़ी नदी करने आई उद्धार जगत का कल्याणी नदी बहती जाती   अथक अहर्निश युगों युगों से   ...
Thursday, February 1, 2018

इन्द्रधनुष

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देखो अप्रतिम सौंदर्य के साथ सम्पूर्ण क्षितिज पर अपनी सतरंगी छटा बिखेरता इन्द्रधनुष निकल आया है ! भुवन भास्कर के उज्जवल ...
Tuesday, January 30, 2018

उलझन

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अभी तक समझ नहीं पाई कि  भोर की हर उजली किरन के दर्पण में  मैं तुम्हारे ही चेहरे का  प्रतिबिम्ब क्यों ढूँढने लगती हूँ ? ...
Thursday, January 25, 2018

बलिहारी है भंसाली जी

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पद्मावती का बवाल इतना विकट होता जा रहा है कि यह कब और कैसे थमेगा समझ ही नहीं आ रहा है ! संजय लीला भंसाली जी की प्रवृत्ति तथ्यों को तोड़ म...
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मैं एक भावुक, संवेदनशील एवं न्यायप्रिय महिला हूँ यथासंभव लोगों में खुशियाँ बाँटना मुझे सुख देता है

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