Sudhinama

Saturday, July 31, 2021

गोदान

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  ‘गोदान’ शब्द सुनते ही एक दिव्य भाव  एक पवित्र विचार से मन भर जाता है,  एक अलौकिक सा आत्मबोध  एक पारलौकिक सी परम्परा का भान  मन की हर दुविध...
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Thursday, July 29, 2021

पावस ऋतु – चंद हाइकु

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  पावस ऋतु हुआ मन मगन आये सजन   भीगा मौसम हर्षाये क्षितिज पे धरा गगन   बूँदों के हार पहन उल्लसित मुग्ध वसुधा     हुई...
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Friday, July 23, 2021

फैमिली कोर्ट - लघुकथा

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  फैमिली कोर्ट के छोटे से कमरे में अधेड़ वय के पति पत्नी बैठे हुए थे ! पति अत्यंत क्षुब्ध और अप्रसन्न दिखाई दे रहा था पत्नी बेहद असंतुष्ट और ...
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Tuesday, July 20, 2021

मत कुरेदो घाव मन के

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  मत कुरेदो घाव मन के फिर वही शिकवे गिले और चाँदमारी हर समय ज़िल्लत सहें किस्मत हमारी   अब न बाकी ताब है जर्जर हृदय में कह नहीं पायें...
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Tuesday, July 13, 2021

सार्थक चिंतन - कुछ हाइकु

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  मुँह में राम बगल में खंजर आम मंज़र   आम के आम गुठलियों के दाम मौके की बात   अब न मिलें ऐसे सुअवसर वक्त की घात   मात...
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Friday, July 2, 2021

कितनी सुन्दर होती धरती

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  कितनी सुन्दर होती धरती, जो हम सब मिल जुल कर रहते झरने गाते, बहती नदिया, दूर क्षितिज तक पंछी उड़ते ना होता साम्राज्य दुखों का,   ना धरती...
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Wednesday, June 23, 2021

ये वादा रहा

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    यूँ तो मुझे सरप्राइज़ ज़रा भी अच्छे नहीं लगते हर काम अच्छी तरह से सोच समझ कर सुनियोजित सुविचारित रूप से करना ही मुझे पसंद है लेक...
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मैं एक भावुक, संवेदनशील एवं न्यायप्रिय महिला हूँ यथासंभव लोगों में खुशियाँ बाँटना मुझे सुख देता है

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