Sudhinama
Sunday, November 14, 2021
सपनों का आँचल
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आँचल उसके सपनों का था , आँचल में सितारे हसरतों के टंके थे , किरण मुरादों की लगी थी , इन्द्रधनुषी सतरंगी फूल उसकी उम्मीदों के थे ! अपने ख़्व...
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Sunday, November 7, 2021
महारास
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सुनो न कृष्ण जब तुम आस पास होते हो, जब गोकुल की गलियों में तुम्हारी मुरली की मधुर धुन सुनाई देने लगती है, जब यमुना के तट पर गोपियों की आह्ला...
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Tuesday, October 26, 2021
मन की बातें - सायली छंद
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पुकारूँ नित्य तुम्हें कहाँ छिपे हो मेरे प्यारे गिरिधारी ! जब मैं बुलाऊँगी तुम आओगे ना वादा करो मुझसे ! लगत...
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Sunday, October 17, 2021
सच्चा दशहरा
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स्वागत है राम तुम्हारा तुम्हारी अपनी अयोध्या में ! दशहरे के पावन अवसर पर लंकाधिपति रावण को पराजित कर तुम सगर्व सीता को अपने घर स...
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Wednesday, October 13, 2021
गुलामी
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सदियों से गुलामी रही है किस्मत भारत की ! एक बार विदेशी आक्रान्ताओं के सामने पराजय का विष पीकर युगों तक गुलामी के जुए के नीचे गर्...
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Sunday, October 10, 2021
कटी पतंग
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ज़िंदगी की धूप छाँव में सिहरती सिमटती चलती ही जा रही हूँ सुख दुःख की उँगलियाँ थामे ! साँझ के साथ साथ मन में भी अन्धेरा घिर आया है ...
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Saturday, October 2, 2021
विसर्जन
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तुमसे आख़िरी बार मिलने के बाद उसी नदी के किनारे कर आई हूँ मैं विसर्जन उन सभी मधुर स्मृतियों का जिन्होंने मेरे हृदय में घर बना लिया...
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