Sudhinama
Friday, August 8, 2025
बचपन का रक्षा बंधन
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बचपन की बातें और बचपन की यादें जब भी दिल के दरवाज़े पर दस्तक देती हैं मन गुलाबी-गुलाबी सा होने लगता है ! विशेष तौर पर जब किसी त्योहार से जु...
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Friday, August 1, 2025
दो - मुक्तक - सावन
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जाने कैसे सावन में मेरा ये मन बँट जाता है ! ‘पी’ घर ‘बाबुल’ , ‘बाबुल’ के घर ‘साजन’ क्यों तरसाता है बैठी हूँ बाबुल के अँगना झूल रही हूँ झू...
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Tuesday, July 29, 2025
विकास का रथ – लघुकथा
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नव निर्मित पुल का उदघाटन करके मंत्री जी अभी-अभी मंच पर आए थे ! पीछे-पीछे पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों का हुजूम था ! उनके पीछे आम जनत...
Monday, July 28, 2025
काँवड़ यात्रा
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संकल्प की शक्ति भक्ति की पराकाष्ठा श्रद्धा की अनुपम परिणति काँवड़ियों की यह यात्रा ! सिर्फ एक भोला सी आशा कि चढ़ा दें अपने देवता पर श्...
Sunday, July 20, 2025
कुण्डलियाँ
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पेड़ों पे झूले पड़े सखियों का है शोर खनक रही हैं चूड़ियाँ मन आनंद विभोर मन आनंद विभोर मगन मन झूल रही हैं कजरी, गीत, मल्हार, सभी दुख भूल...
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Friday, July 11, 2025
बहका सा मन
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देखा था जब तुम्हें पहली बार तो न जाने क्यों दिल दिमाग को झकझोर रही थी महुआ की मदिर गंध बारम्बार ! उठती गिरती बरौनियों की चिलमन...
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Sunday, July 6, 2025
नारी अस्मिता और पुरुष मानसिकता
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विमर्श का यह विषय वास्तव में बहुत ही चिंतनीय एवं सामयिक है ! जबसे हाथरस वाला काण्ड हुआ है घृणा और जुगुप्सा के मारे संज्ञाशून्य होने जैसी स...
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