Friday, February 25, 2022

अम्माँ की बोली

 



अम्माँ की बोली 

सद्गुण संस्कार से

भर दे झोली 


अम्माँ की बोली 

मन और प्राणों में 

मधु सा घोली 


अम्माँ की बोली 

गुणकारक जैसे 

नीम निबोली 


अम्माँ की बोली 

उनींदी पलकों पे 

मीठी सी लोरी 


अम्माँ की बोली 

फूल ने हवाओं में 

खुशबू घोली 


अम्माँ की बोली 

मीठी इतनी जैसे 

कोयल बोली 


अम्माँ की बोली 

दुलराती शब्दों से 

बेटी को भोली 


अम्माँ की बोली 

धमकाती बच्चों को 

मस्तों की टोली 


अम्माँ की बोली 

पावन इतनी ज्यों 

देवों की बोली | 



साधना वैद 




14 comments:

  1. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शनिवार (26-02-2022 ) को 'फूली सरसों खेत में, जीवित हुआ बसन्त' (चर्चा अंक 4353) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। 12:01 AM के बाद प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।

    चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।

    यदि हमारे द्वारा किए गए इस प्रयास से आपको कोई आपत्ति है तो कृपया संबंधित प्रस्तुति के अंक में अपनी टिप्पणी के ज़रिये या हमारे ब्लॉग पर प्रदर्शित संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमें सूचित कीजिएगा ताकि आपकी रचना का लिंक प्रस्तुति से विलोपित किया जा सके।

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

    #रवीन्द्र_सिंह_यादव

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    1. आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार रवीन्द्र जी ! सादर वन्दे !

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  2. क्या बात है साधना जी। अम्मा की ये बोली बहुत ही प्यारी और मनमोहक है। सच में आजकल अम्मा की मधुर वाणी को भले कोई सुनना ना चाहे पर उसका महत्व किसी से छुपा नहीं। संस्कारों की अमर बेल को सींचती ये मधुर और सरस वाणी सच में देव वाणी सरीखी पावन और निर्मल है। इस भावपूर्ण अभिव्यक्ति को नमन 🙏🙏❤️❤️🌷🌷

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    1. हार्दिक धन्यवाद रेणुबाला जी ! रचना आपको अच्छी लगी मेरा लिखना सफल हुआ ! बहुत बहुत आभार आपका !

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  3. हाइकु रचे
    मीठी बोली अम्मा की
    मन को भाए ।।

    बेहतरीन

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    1. हार्दिक धन्यवाद संगीता जी ! बहुत बहुत आभार आपका !

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  4. बहुत सुन्दर रचना , अम्मा की बोली प्रेम रस से सराबोर तो होती ही है सदा ही गुणकारक ! राधे राधे

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    1. जी सही कहा आपने ! हृदय से धन्यवाद आपका ! बहुत बहुत आभार !

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  5. वाह बहुत ही प्यारी रचना!
    एकदम अम्मा की बोली की तरह मन मुग्ध करने वाली!

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    1. हार्दिक धन्यवाद मनीषा जी ! बहुत बहुत आभार आपका !

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    1. हार्दिक धन्यवाद पांडे जी ! बहुत बहुत आभार आपका !

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  7. उम्दा रचना है |

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    1. हार्दिक धन्यवाद जीजी । बहुत बहुत आभार आपका ।

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