Saturday, June 11, 2022

राजतिलक

 



 

बस एक पत्थर ,

एक विवादित बयान ,

एक आक्रोशित आरोप

सत्य हो या असत्य क्या फर्क पड़ता है

आपको सुर्ख़ियों में ला खड़ा करता है !

आप कुछ नहीं से बहुत कुछ हो जाते हैं !

कल तक जिसका नाम पता अजाना था

रातों रात राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व का

अत्यंत प्रसिद्ध इंसान बन जाता है

जिस पर देश के सारे बुद्धिजीवी

अपनी सारी विद्वत्ता को मस्तिष्क के

हर कोने से झाड़ बुहार कर

सही या गलत सिद्ध करने में

प्राण प्रण से जुट जाते हैं ! !

तो दोस्तों सुर्ख़ियों में रहने के लिए

किसी विशेष योग्यता की ज़रुरत नहीं ,

किसी गरिमामय गौरवशाली

पारिवारिक इतिहास की ज़रुरत नहीं ,

किसी प्रभावशाली बड़े नेता या मंत्री से रिश्तेदारी

या मीडिया में किसीसे कोई साँठ गाँठ की ज़रुरत भी नहीं !

सुर्खियाँ बटोरनी हैं तो

चौराहे पर खड़े होकर ऊँचे स्वर में

किसी संवेदनशील मुद्दे पर दो चार नारे लगा दो,

दो चार राष्ट्र विरोधी बयान दे दो ,

कुछ मन चले हमखयाल साथियों को जमा कर

एक जुलूस निकाल दो !  

बाकी का काम मीडिया वाले खुद कर देंगे !

टी वी के हर चैनल पर तुम्हारे बयानों पर

दिन भर धुआँधार बहस होंगी !

तुम्हारे समर्थन में बड़ी बड़ी हस्तियाँ आयेंगी

बड़ी बड़ी पार्टी के प्रवक्ता तुम्हारी बातों में

देश का सुरक्षित भविष्य तलाश लेंगे और

तुम्हारे व्यक्तित्व में उन्हें देश का

सबसे ज़िम्मेदार और ओजस्वी नेता नज़र आने लगेगा !

तुम भी चकित रह जाओगे कि तुम्हारे पास

समर्थकों का कितना बड़ा समूह है !  

कितना आसान हो गया है न आजकल नेता बनना

और सुर्खियाँ बटोरना !

तो आइये फिर ! देर किस बात की है

आप भी कुछ सुर्खियाँ बटोर लीजिये

आप भी अपना जनाधार सुदृढ़ कर लीजिये !

कौन जाने अगले चुनाव में आपको ही टिकिट मिल जाए,

आपके भाग्य से भी कोई छींका टूट ही जाए

और आपका ही राजतिलक हो जाए !

 

साधना वैद

 


5 comments:

  1. Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद केडिया जी ! बहुत बहुत आभार आपका !

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  2. सामयिक और सार्थक चिंतन । सराहनीय रचना ।

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