Sudhinama
Wednesday, May 27, 2009
तुम आओगे ना !
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रात ने अपनी अधमुँदी आँखे खोली हैं सुबह ने अपने डैने पसार अँगड़ाई ली है । नन्हे से सूरज ने प्रकृति माँ के आँचल से मुँह घुमा संसार को अपनी उ...
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Sunday, May 24, 2009
यह कैसा विकास !
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इक्कीसवीं सदी के इस मुकाम पर पहुँच कर हम गर्व से मस्तक ऊँचा कर खुद के पूरी तरह विकसित होने का ढिंढोरा पीटते तो दिखाई देते हैं लेकिन सच में ह...
Wednesday, May 13, 2009
विश्वासघात या अवसरवाद
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चुनाव चक्र अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच रहा है और अब एक नये दुष्चक्र के आरम्भ का सूत्रपात होने जा रहा है । मंत्रीमंडल में अपनी कुर्सी सुरक्षित क...
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Friday, May 8, 2009
दोषी कौन ?
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चुनाव का चौथा चरण भी बीत गया । बड़े दुख की बात है कि मतदान का प्रतिशत अभी तक जस का तस है । लोगों को ‘जगाने’ के सारे भागीरथ प्रयत्न विफल हो गय...
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Tuesday, May 5, 2009
एक आम आदमी की कहानी
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जीवन के महासंग्राम में दिन रात संघर्षरत एक आम इंसान के कटु अनुभव से अपने सुधी पाठकों को अवगत कराना चाहती हूं और अंत में उनके अनमोल सुझावों क...
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Wednesday, April 22, 2009
समाचार पत्र अपना दायित्व पहचानें
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चुनाव का मौसम है और प्रत्याशियों का प्रचार प्रसार पूरे ज़ोर पर है । सभी अपने बारे में झूठ सच बढ़ा चढ़ा कर बता रहे हैं । लेकिन वास्तविकता यह है ...
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Wednesday, April 15, 2009
दिक्भ्रमित मतदाता
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मतदान का समय नज़दीक आ रहा है । चारों ओर से मतदाताओं पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें । इस बार चूक गये तो अगले...
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