Sudhinama
Wednesday, September 14, 2011
मंगलकामना
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है भावना मेरी प्रगति के पुण्य पथ पर तुम बढ़ो , है कामना मेरी सफलता के शिखर पर तुम चढ़ो , यह गान गौरव देव गण गायें गगन में सर्वदा , औ' हों...
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Monday, September 12, 2011
क्षणिका
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माना कि अब तक राष्ट्र हित में तुम सदा संलग्न थे , माना कि औरों की व्यथा से तुम समूचे भग्न थे , फिर ये बताओ देश चिंता को ग्रहण क्यों लग गया ...
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Thursday, September 8, 2011
चूक कहाँ हुई है ?
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कितने दुःख और चिंता का विषय है ! देश की राजधानी में दिन दहाड़े आतंकवादी अपने खतरनाक इरादों को अंजाम दे देते हैं और तरह-तरह के दावे क...
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Tuesday, September 6, 2011
जाने क्यों
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Sunday, September 4, 2011
तस्मै श्री गुरुवै नम:
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Wednesday, August 31, 2011
तुम कुछ तो कहते
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मैंने तो अपना सब कुछ तुम पर हारा था , तुम्हें अगर स्वीकार न था तुम कुछ तो कहते ! जाने कितने सपनों का मन पर साया थ...
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Sunday, August 28, 2011
हर जीत के लिये हिंसा की ज़रूरत नहीं
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