Sudhinama
Wednesday, September 12, 2012
कम कूव्वत रिस ज़्यादह
›
यह है हमारा भारत देश ! यहाँ लोकतंत्र शाही की व्यवस्था है ! वैसे तो कानूनन हम अपने देश में सभी बुनियादी अधिकारों के हकदार हैं लेकिन और ...
13 comments:
Tuesday, September 4, 2012
शिक्षक दिवस – आत्म चिंतन की महती आवश्यक्ता
›
शिक्षक दिवस पर उन सभी विभूतियों को मेरा हार्दिक नमन और अभिनन्दन है जिन्होंने विद्यादान के पावन कर्तव्य के निर्वहन के लिये अपना सारा जीवन ...
10 comments:
Monday, September 3, 2012
रीता आँचल
›
एक पल जीने की चाह में हर पल मैंने जाने कितनी साँसें खोई हैं ! एक स्मित पल भर को अधरों पर खेल जाये इसके लिये ज...
19 comments:
Friday, August 31, 2012
अगर शासन की बागडोर मेरे हाथ में आ जाये
›
सरकार चलाना एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को हैंडिल करने जैसा ही है ! समस्याएँ अनेक हैं, साधन भी कम हैं और समय की भी तो सीमा होती है ! ऐसे में...
8 comments:
Monday, August 27, 2012
वितान
›
मैं इन दिनों प्राण प्राण से अपने मन की बूँद-बूँद रिसती हुई सारी कोमलता, सारी भावुकता, सारी आर्द्रता को अनुभवों ...
13 comments:
‹
›
Home
View web version