Sudhinama
Friday, June 28, 2024
उपहार स्वरुप क्या दें - फूल या फल और सब्जियाँ ?
›
यह बिलकुल सत्य है कि पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण करते करते किसी भी समारोह में फूलों का गुलदस्ता देना अब बहुत अधिक प्रचलन में आ गया है ! किसीक...
2 comments:
Tuesday, June 25, 2024
प्रेम प्रसाद - प्रथम प्रांजल प्रस्तुति
›
प्रियतम पुकारे प्रेमातुर प्रणयिनी प्रियतमा परसे परछाईं पूछे प्रश्न प्रति प्रश्न प्रबल प्रखर प्रवाहमान प्रेमावेग प्रस्फुटित प...
9 comments:
Thursday, June 20, 2024
क्या कहते हैं ये पेड़
›
जो काट दोगे कहाँ फिर पाओगे इतने फल कैसे मिलेगी इतनी प्राणवायु इतना बल काट के मुझे बन जाएगा सोफा या एक कुर्सी ...
6 comments:
Saturday, June 15, 2024
जाने कहाँ गए वो दिन
›
बचपन और शरारतों का वैसा ही रिश्ता होता है जैसा पतंग और डोर का ! और इस संयोग को और दोबाला करना हो तो कुछ हमउम्र संगी साथी और भाई बहनों का स...
Monday, June 3, 2024
दीवारों के भी कान होते हैं
›
कुछ कहावतें सुनने में बहुत ही अच्छी लगती हैं| कुछ ग्लैमर होता है उनमें , कुछ शोखी होती है और रोचकता तो भरपूर होती ही है| उन्हीं में से एक...
6 comments:
Wednesday, May 22, 2024
भूल हमसे हो गयी
›
उम्र के इस मोड़ पर पहचान जैसे खो गई हैं पशेमाँ सोच कर क्या भूल हमसे हो गई ! यूँ ज़माने ने बहुत आगाह था हमको किया चाह बैठे हम तुम्...
7 comments:
Monday, May 20, 2024
माँ की याद - कतौता
›
जब तुम थीं सुबह मुस्काती थी साँझ भी हर्षाती थी जब तुम थीं हर दिन गीत था जीवन संगीत था जब तुम थीं कितना दुलार था जी भर के प्यार था ...
7 comments:
‹
›
Home
View web version