Monday, July 27, 2026

तितली

 




तितली प्यारी 

दिन भर फूलों पे 

करे सवारी 


उड़ती फिरे 

उपवन के हर

फूल-फूल पे 


चखती रहे 

सुमधुर पराग 

रस से भरा 


संचित करे 

सुकोमल पंखों में 

ढेर सी ऊर्जा 


अर्जित करे 

कोमल हृदय में 

अदम्य शक्ति 


पीना है उसे 

मधुर मकरंद 

हर पुष्प का 


पाना है उसे 

रस गंध सौन्दर्य 

सारे बाग़ का ! 


साधना वैद 



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