Sudhinama
Friday, June 19, 2009
क्या कोई सुन रहा है ?
›
आगरा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर मृत जानवरों के अंगों से चर्बी निकाल कर देशी घी बनाया जा रहा था और उसे धड़ल्ले से मशहूर ब्राण्ड्स के नकली रैपर ...
2 comments:
Friday, June 5, 2009
दस सूत्रीय सुझाव
›
न्याय प्रणाली में सुधार भारत में लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिये आपके दस सूत्रीय सुझाव आमंत्रित हैं । आशा है हम सबके सम्मिलित प्रयासों से प्र...
1 comment:
Tuesday, June 2, 2009
घर फूँक तमाशा
›
देश में कहीं कुछ हो जाये हमारे मुस्तैद उपद्रवकारी हमेशा बड़े जोश खरोश के साथ हिंसा फैलाने में, तोड़ फोड़ करने में और जन सम्पत्ति को नुक्सान पहु...
1 comment:
Wednesday, May 27, 2009
तुम आओगे ना !
›
रात ने अपनी अधमुँदी आँखे खोली हैं सुबह ने अपने डैने पसार अँगड़ाई ली है । नन्हे से सूरज ने प्रकृति माँ के आँचल से मुँह घुमा संसार को अपनी उ...
14 comments:
Sunday, May 24, 2009
यह कैसा विकास !
›
इक्कीसवीं सदी के इस मुकाम पर पहुँच कर हम गर्व से मस्तक ऊँचा कर खुद के पूरी तरह विकसित होने का ढिंढोरा पीटते तो दिखाई देते हैं लेकिन सच में ह...
Wednesday, May 13, 2009
विश्वासघात या अवसरवाद
›
चुनाव चक्र अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच रहा है और अब एक नये दुष्चक्र के आरम्भ का सूत्रपात होने जा रहा है । मंत्रीमंडल में अपनी कुर्सी सुरक्षित क...
1 comment:
Friday, May 8, 2009
दोषी कौन ?
›
चुनाव का चौथा चरण भी बीत गया । बड़े दुख की बात है कि मतदान का प्रतिशत अभी तक जस का तस है । लोगों को ‘जगाने’ के सारे भागीरथ प्रयत्न विफल हो गय...
3 comments:
‹
›
Home
View web version