Sudhinama
Saturday, August 11, 2012
बस.... यूँ ही
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यूँ तो उदासी की कोई खास वजह नहीं लेकिन आज ना जाने क्यों बस मुस्कुराने को ही जी नहीं चाहता ! यूँ तो पलकों की हदें तो...
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Monday, August 6, 2012
आदत
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आँखों के दरीचों में वक्त की सुनामी और गहन तीव्रता से आये भूकंप के बाद भी एक नन्हा सा, नाज़ुक सा ख्वाब पलकों की ओट में कहीं ...
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Monday, July 30, 2012
भूल तो तुमसे भी हुई है
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हे प्रभु जब तुमने नारी को बनाया तो क्यों उसे इतना कोमल कमनीय बनाया कि इस निर्मम संसार में चहुँ ओर पसरे दरिंदों से अपनी रक्ष...
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Thursday, July 26, 2012
ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो पानी !
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ऐ मेरे वतन् के लोगो! तुम खूब लगा लो नारा ! ये शुभदिन है हम सबका! लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर! वीरों ने है प्राण गँवाए! क...
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Monday, July 23, 2012
जाग जाओ
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मत डरो साहस जुटाओ जाग जाओ ! बीन कंटक राह अपनी खुद बनाओ ! हो सबल, अबला नहीं तुम जान जाओ ! मुक्त हो...
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Wednesday, July 18, 2012
आखिर कब !
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कब तक तुम नारी को सवालों के घेरे में कैद करके रखोगे ! और उसके मुख से निकले हर शब्द, हर आचरण की शल्य चिक...
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