Sudhinama
Monday, January 30, 2017
जो दर्द दिए तूने
›
जो दर्द दिए तूने वो हँस के पी रहे हैं, आहें निकल न जाएँ होठों को सी रहे हैं, तूने क़सर न छोड़ी थोड़ी भी मारने में, पर देख...
Wednesday, January 25, 2017
गणतंत्र दिवस परेड
›
आया है गणतंत्र का, शुभ दिन देखो आज दुल्हन सी दिल्ली सजी, हर्षित सकल समाज ! संविधान की शान से, दिवस बन गया ख़ास भारत में लागू हुआ, ...
Monday, January 16, 2017
जीवन
›
लिया जनम मिला माँ का आँचल पिता की छाया जानी दुनिया जीवन की गतियाँ जग की माया स्कूल कॉलेज खेल कूद पढ़ाई ...
Friday, January 13, 2017
दुश्चिंता
›
ज़िंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर अब तक चलती आई हूँ तुम्हारा हाथ थामे ! कभी हाथों में संचित चंद पाँखुरियाँ बिछा कर तुम...
1 comment:
Sunday, January 8, 2017
प्रेम
›
प्रेम का धागा विश्वास के मनके रिश्तों की माला प्रेम के गीत अधरों पे थिरके फैला सौहार्द्र प्रेम की वर्षा ...
Wednesday, January 4, 2017
राजनीति का खेल
›
बाप रहा ना बाप सा, पूत रहा ना पूत पाँसे दोनों चल रहे, बिछी हुई है द्यूत ! राजनीति के खेल में, रिश्तों का क्या काम पापा...
Friday, December 30, 2016
मुदित मन से आ रहा नव वर्ष है
›
हास है, उल्लास है, उत्कर्ष है मुदित मन से आ रहा नव वर्ष है ! हो रहा है अवतरण नव वर्ष का और है अवसान बीते साल का प्रफुल्लित क...
1 comment:
‹
›
Home
View web version