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Saturday, April 12, 2014

चंद चुनावी हाईकू


चुनाव आया
माहौल गरमाया
देश हिलाया !

वोटर जागो 
विवेक को चेताओ
देश बचाओ !

सोचो समझो
  झूठ की पर्तें खोलो  
सत्य को चुनो !

असमंजस
नेता जी के वायदे
झूठ या सच !

उतारते हैं
एक दूजे की आबरू
कैसे ये नेता !

 अपनाते हैं
छल बल कौशल
सत्ता के लिये !

विचार करो
हितैषी हैं ये, या हैं
शत्रु हमारे !

उसे चुनो जो
करे देश से प्यार 
हो पानीदार !

समर्पित हो
जो जनता के लिये
तन मन से !

आई जाती है
मतदान की बेला
   नि:शंक हो ले !  

साधना वैद