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Saturday, July 11, 2020

प्रकृति - हाइकु



मौन मयंक
हर्षित उडुगण
धरा विमुग्ध


गिरि चोटी से
बहे पिघल कर
फेनिल दुग्ध


सूर्य रश्मियाँ
रचें जल कण से
इन्द्रधनुष


विस्मित सृष्टि
पुलकित प्रकृति
मुग्ध मनुष्य


यादें सुलगीं
पिघला दिनकर
सुलगा मन


रोई वसुधा
बादल बन कर
बरसे घन


खिले सुमन
सुरभित पवन
विहँसी उषा


लपेट बाना
गहन तिमिर का
चल दी निशा


हुई सुबह
जगमग हो गयी
संसृति सारी


नीले नभ में
कलरव करतीं
चिड़ियाँ प्यारी


शाम हो गयी
समाधि ली जल में
क्षुब्ध रवि ने


किया उदास
अनुरक्त धरा को
सूर्य छवि ने


घिरी घटाएं
बरसे जल कण
कोयल बोली


मस्त हवा ने
वन उपवन में
खुशबू घोली


नाच रहे हैं
ठुमक ठुमक के
मस्त मयूर


देख रहे हैं
वनचर नभ में
गिरा सिन्दूर



साधना वैद

19 comments :

  1. सुन्दर हाइकु

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    1. हार्दिक धन्यवाद केडिया जी ! आभार आपका !

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  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज रविवार 12 जुलाई 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार दिग्विजय जी ! सादर वन्दे !

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  3. Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद शास्त्री जी ! बहुत बहुत आभार !

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  4. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा सोमवार (06-07-2020) को 'मंज़िल न मिले तो न सही (चर्चा अंक 3761) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्त्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाए।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    --
    -रवीन्द्र सिंह यादव

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    1. आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार रवीन्द्र जी ! सादर वन्दे !

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  5. मस्त हवा ने
    वन उपवन में
    खुशबू घोली


    नाच रहे हैं
    ठुमक ठुमक के
    मस्त मयूर
    साधना जी , बहुत प्यारे हैं सभी हाइकू | मुझे इस विधा की बस लालसा ही रही सीख नहीं पायी | आपके हाइकू ने बहुत प्रभावित किया | सभी शानदार | सस्नेह शुभकामनाएं |

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    1. हार्दिक धन्यवाद रेणु जी ! बहुत बहुत आभार आपका उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए ! बहुत आसान विधा है ! आप प्रयास करिए आपके लिए तो बाँये हाथ का खेल होगा !

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  6. बहुत सुन्दर सृजन

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    1. हार्दिक धन्यवाद आपका ! बहुत बहुत आभार !

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  7. बहुत लाजवंती हैं सभी हाइकू ... बात बहुत स्पष्टता से रख रहे हैं ... भावपूर्ण हैं सभी ...

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    1. अरे वाह ! बहुत दिनों के बाद दर्शन हुए नासवा जी ! उत्साहवर्धन के लिए हृदय से आभार आपका !

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  8. बहुत सुंंदर हायकु।
    आपके लिखे हायकु मुझे सदा से प्रिय है दीदी।
    सादर।

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    1. आज तो मन बहुत प्रसन्न हो रहा है ! बहुत बहुत धन्यवाद श्वेता जी ! दिल से आभार आपका !

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  9. वाह बहुत सुन्दर हाइकू आनंद आ गया बधाई

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    1. हार्दिक धन्यवाद शशि जी ! इतन्र दिनों के बाद आई हैं ! हृदय से स्वागत है आपका इस ब्लॉग पर ! दिल से आभार !

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  10. बहुत ही उम्दा लिखावट , बहुत ही सुंदर और सटीक तरह से जानकारी दी है आपने ,उम्मीद है आगे भी इसी तरह से बेहतरीन article मिलते रहेंगे Best Whatsapp status 2020 (आप सभी के लिए बेहतरीन शायरी और Whatsapp स्टेटस संग्रह) Janvi Pathak

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