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Tuesday, September 7, 2021

वर्ण पिरेमिड

 



क्या

जानें

आओगे

भुलाओगे

कौन बताये

   किस्मत हमारी   

  फितरत तुम्हारी !

 

है

पता

मुझे भी

आसाँ नहीं

दुःख भुलाना

पर करें भी क्या

ज़ालिम है ज़माना

 

हे

प्रभु

आशीष

देना हमें 

न चाहें सुख

कर्तव्य पथ से

न हों कभी विमुख

 

ये

फूल

खिलते

महकते

मुस्कुराते हैं

हमें सुखी कर

  भू पे बिछ जाते हैं !

 

साधना वैद  

 


8 comments :

  1. Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद जीजी ! बहुत बहुत आभार !

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  2. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" शुक्रवार 10 सितम्बर 2021 को साझा की गयी है.............. पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार प्रिय यशोदा जी ! सप्रेम वन्दे !

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  3. बहुत सुन्दर कम शब्दों में प्रभावपूर्ण रचना

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    1. हार्दिक धन्यवाद कविता जी ! बहुत बहुत आभार आपका !

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  4. वाह!!!
    शानदार वर्ण पिरामिड।

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    1. हार्दिक धन्यवाद सुधा जी ! बहुत बहुत आभार आपका !

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