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Monday, August 3, 2026

मित्रता

 




सच्चे अर्थों में 

मित्रता वरदान होती है, 

भाग्य का उपहार होती है, 

हमारे जीवन की 

सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, 

हमारी बिगड़ी सुर ताल की 

सुरीली तान होती है, 

नसीब से मिली हुई हमें 

हमारी सबसे बड़ी सौगात होती है ! 

जब जी चाहा 

रो लिए जाकर उसके पहलू में 

और हल्का कर लिया अपना मन,

जब जी चाहा 

झगड़ लिए और शांत कर लिया अपना गुस्सा, 

जब जी चाहा 

डाँट दिया और खुद निर्द्वंद्व हो गए,  

जब जी चाहा 

छेड़-छेड़ कर उसे रुला दिया 

और खुद मज़े लेते रहे !

लेकिन मित्र ने कभी बुरा न माना, 

कभी बैर न ठाना,

न कभी छोड़ा आना जाना ! 

उसका प्यार सदा अक्षुण्ण रहा 

उसकी बाहें सदा गले लगाने को फ़ैली रहीं 

उसके काँधे सर टिकाने के लिए 

सदा उपलब्ध रहे 

उसकी बाहें सहारा देने को 

सदा तत्पर रहीं 

और हम उसकी बैसाखियों के सहारे 

जीवन की हर दौड़ में 

स्पर्धा के लिए सदा तैयार रहे 

क्योंकि हमारा मित्र हमारे साथ था 

एक अचल, अडिग पर्वत की तरह 

और हमारे लिए यह सबसे बड़ा 

सहारा था !  



चित्र - गूगल से साभार 


साधना वैद 

🙏🌹🌹🌹🙏

6 comments :

  1. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति।
    सादर।
    --------
    जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना मंगलवार ४ अगस्त २०२६ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद श्वेता जी ! सप्रेम वन्दे !

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  2. भावपूर्ण सुंदर सृजन

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद अनीता जी ! आभार आपका !

      Delete
  3. Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद हरीश जी ! बहुत-बहुत आभार आपका !

      Delete