Followers

Wednesday, September 9, 2026

शाबाशी - लघुकथा

 


नन्ही वंशिका स्कूल से आते ही अपनी मम्मी के गले से लिपट गयी ! वह आज बहुत खुश थी ! चहकते हुए उसने बताया कि आज उसे स्कूल में टीचर से खूब शाबाशी मिली क्योंकि उसने पंद्रह अगस्त के कार्यक्रम में स्कूल के सारे अध्यापकों, बच्चों और आमंत्रित अतिथियों के सामने मंच पर बिना भूले बिना अटके पूरी कविता पूरे जोश के साथ सुना दी !   

वंशिका शहर के सबसे नामी इंग्लिश मीडियम स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ती है जहाँ के बच्चे धारा प्रवाह अंग्रेज़ी में बात करते हैं और उस स्कूल में हिन्दी में बात करने पर बच्चों को सज़ा भी दी जाती है ! मम्मी हैरान थीं, “अच्छा ! यह तो बहुत खुशी की बात है लेकिन यह तो बताओ तुमने कौन सी कविता सुनाई ! तुम्हारी अंग्रेज़ी की किताब में तो सभी नई कवितायेँ हैं और मैंने तो तुम्हें कोई कविता याद करते हुए देखा ही नहीं !”
“खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी !”
वंशिका ने मुस्कुरा कर कहा !


चित्र - गूगल से साभार 


साधना वैद


No comments :

Post a Comment