Followers

Saturday, August 14, 2021

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा

 


स्वाधीनता दिवस की हीरक जयन्ति के उपलक्ष्य में विशिष्ट प्रस्तुति

मस्ती में झूमे
सातों गगन चूमे
 तिरंगा प्यारा !

मिली आज़ादी
विहँसी माँ भारती
 प्रफुल्ल देश !

झूमे मगन
लहराए तिरंगा
 हर्षित धरा !

जिये आन से
सीमा की सुरक्षा में
मरे शान से !

देश महान
तुझ पर कुर्बान
 है मेरी जान !

बुलंद नारे
गर्वित लाल किला
 जोश में प्रजा !

देश की शान
भारत के गौरव
 वीर जवान !

संकल्प लेंगे
अपने भारत का
 मान रखेंगे !

वीर सैनिक
सीमा के रखवाले
 माँ के दुलारे !

ऋणी रहेगा
तुम्हारी कुर्बानी का
 भारत सारा !

जोड़ा है रिश्ता
तोप बन्दूक संग
किया विवाह
देश की सुरक्षा से
 सीमाएं ससुराल !

निज रक्त से
करते अभिषेक
सजाते भाल
ऐसे वीर सपूत
 डरे जिनसे काल !

कहो शान से
शायर ने भी कहा
दिलो जान से
सारे जहाँ से अच्छा
 हिन्दोस्तान हमारा !

आन रखेंगे
अपने भारत का
मान रखेंगे
सूर्य से भी ऊपर
 तेरा नाम रखेंगे !

सुनो न देव
बार-बार जनमूँ
इसी देश में
और फिर मिलूँ भी
 वतन की माटी में !


साधना वैद

सभी  पाठकों को स्वतन्त्रता दिवस की हीरक जयन्ति पर हार्दिक शुभकामनायें !

14 comments :

  1. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (15-8-21) को "आजादी का मन्त्र" (चर्चा अंक-4157) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी। आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
    ------------
    कामिनी सिन्हा

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद कामिनी जी ! आपका बहुत बहुत आभार ! सप्रेम वन्दे !

      Delete
  2. सुंदर सृजन

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद केडिया जी ! आपका बहुत बहुत आभार !

      Delete
  3. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज रविवार 15 अगस्त 2021 शाम 3.00 बजे साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    ReplyDelete
    Replies
    1. अरे वाह ! सुखद समाचार दिग्विजय जी ! आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार ! वन्दे मातरम !

      Delete
  4. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद एवं बहुत बहुत आभार आपका !

      Delete
  5. Replies
    1. आपका बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार अनिल जी ! वन्दे मातरम !

      Delete
  6. Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद गजेन्द्र जी ! बहुत बहुत आभार आपका ! जय भारत !

      Delete
  7. देश प्रेम से ओतप्रोत रचना |

    ReplyDelete
    Replies
    1. क्या बात है ! दिल से बहुत बहुत आभार जीजी ! आज तो सूरज पश्चिम में निकला हुआ लगता है !

      Delete