भारत माता की कसम, खाते वीर जवान
सीमा की रक्षार्थ हित, देंगे अपनी जान !
ब्याह रचाया मौत से, रक्त लगाया भाल
सेना बाराती बनी, सीमाएं ससुराल !
मान बढ़ा कर देश का, लौटा वीर जवान
सोया है ताबूत में, करके जाँ कुर्बान !
जान गँवाई वीर ने, जमा शत्रु पर धाक
मातम छाया देश में, हुआ कलेजा चाक !
सीने में हैं गोलियाँ, क्षत विक्षत है देह
जान लुटा कर देश पे, आया अपने गेह !
बाँध कफ़न सिर पर चले, सैनिक वीर जवान
मातृभूमि के वास्ते, करने को बलिदान !
उंतिस वर्णी फूल औ' सात रंग के हार
भारत माँ के हृदय पर, शोभित यह गल हार !
बाइस भाषा में लिखें, 'भारत मेरी शान'
कोटिक कंठों से करें, माता का गुणगान !
जय हिंद
साधना वैद
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