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Thursday, October 22, 2026

बस ! अब और नहीं

 



“आज शाम को छह बजे आप ‘हमराज़’ कैफे में आ जाइये ! केबिन में बैठ कर कॉफ़ी के साथ-साथ अगला प्रोजेक्ट भी डिस्कस कर लेंगे |” बॉस ने अर्थपूर्ण दृष्टि से देखते हुए नलिनी से कहा !

नलिनी बॉस का कुत्सित इशारा समझ रही थी | वह खून का घूँट पीकर रह गयी लेकिन कुछ कह न सकी !

“आपका टेलर कौन सा है नलिनी | फिटिंग बहुत बढ़िया होती है आपके कपड़ों की |”

सारे शरीर पर रेंगती बॉस की ललचाई नज़रें उसे कचोट रही थीं | रोज़ रोज़ की इस बदनीयती को कब तक नज़रअंदाज़ करती रहे वह !

नलिनी ने कठोर दृष्टि से बॉस को घूरा ! कुछ सकपका कर बॉस ने जोड़ा, “वो मेरी बेटी दीपा कह रही थी एक दिन ! किसी दिन उसे भी ले जाइयेगा अपने साथ अपने टेलर के पास !”

“जी सर !” कह कर नलिनी बॉस के केबिन से बाहर आकर अपनी डेस्क पर कुछ टाइप करने लगी !

इस बार मुट्ठी में अपना त्यागपत्र थामे नलिनी दृढ़ कदमों से बॉस के कमरे की ओर बढ़ रही थी |

 


चित्र - गूगल से साभार 

साधना वैद


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