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Saturday, May 26, 2012

हाशिये













तुमने कितना कुछ
सिखाया है ना मुझे !
हाशिये पर सरकाये हुए
सवाल हमेशा
अनुत्तरित ही रहते हैं !
हाशिये पर रुके हुए कदम
कभी मंज़िल तक का सफर   
तय नहीं कर पाते !
हाशिये पर टिके रिश्ते
आजीवन बेमानी
ही रह जाते हैं !
हाशिये पर रोपी हुई
महत्वाकांक्षायें कभी
अंकुरित नहीं हो पातीं !
हाशिये पर देखे गये
स्वप्न कभी
साकार नहीं हो पाते !  
हाशिये के
उथले पानी में
ज़िंदगी की नाव कभी
आगे नहीं बढ़ पाती !
हाशिये पर
ठिठक कर रुक जाने से
हर खुशी, हर सुख,
हर उम्मीद
अधूरी रह जाती है !
लेकिन क्या कभी
तुमने भी जाना है
हाशिये पर सरकाये जाने का
क्या अर्थ होता है ?  

साधना वैद !