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Thursday, July 9, 2026

असर - लघुकथा



टी वी पर समाचार चल रहे थे ! इन दिनों की सबसे प्रमुख खबर, केतन अग्रवाल मर्डर मिस्ट्री को बड़े विस्तार के साथ दिखाया जा रहा था ! शालिनी का मन घबराने लगा था ! उनके घर में भी जवान बेटी है सुनेत्रा ! बहुत सुन्दर, सुशिक्षित, आधुनिक ख्यालों वाली ! खूब प्रखर और मुखर भी ! एकदम निर्भीक और आत्मविश्वास से भरी हुई ! स्कूल कॉलेज में हर एक्टीविटी में सबसे आगे रहने वाली और घर परिवार में भी सबसे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली ! शालिनी माँ होकर भी हमेशा उसकी हर बात मानतीं और खुद से भी अधिक उसके फैसलों पर भरोसा करतीं ! 

खबरें देखते-देखते उनका मन विचलित हो रहा था ! जाने कैसा डर उनके मन में घनीभूत होता जा रहा था ! उसी समय बड़े करीने से सजी धजी सुनेत्रा अपने हाथ में घड़ी बाँधती हुई घर कमरे में आई ! 

“मम्मी, मैं जा रही हूँ शाम को आने में देर हो जाए तो फ़िक्र मत करना ! हम लोग मूवी देखने जा रहे हैं ! आज रोहित का जन्मदिन है ! उसके बाद वह हमें डिनर के लिए ले जाएगा ! प्रज्ञा और विनोद भी जा रहे हैं साथ में ! दस बजे तक आ जाएंगे ! देर होगी तो फोन कर दूँगी आपको !” सुनेत्रा अपना सामान इधर उधर से समेटती हुई पर्स में रखती जा रही थी और शालिनी को अपने शाम के प्रोग्राम के बारे में बता भी रही थी ! 

“तुम कहीं नहीं जा रही हो !” शालिनी की कठोर आवाज़ सुन कर सुनेत्रा दंग थी ! आज तक मम्मी ने उसके साथ इस टोन में बात नहीं की थी ! 

“क्या हुआ मम्मी ? आपकी तबीयत तो ठीक है ? आज के प्रोग्राम के बारे में मैंने आपको तीन चार दिन पहले ही बता दिया था ! उसके बाद ही सबसे हाँ कहा था ! अब क्या हो गया ? जल्दी आने की कोशिश करूँगी ! एन वक्त पर नहीं जाउँगी तो सबका मूड खराब होगा ! कुछ हुआ है क्या ?“ 

सुनेत्रा की नज़रें मम्मी की नज़रों का अनुसरण करते हुए टी वी समाचारों पर टिक गईं ! सिया केतन की कहानी को विस्तार के साथ वहाँ दिखाया जा रहा था ! शालिनी ने काँपते हाथों से सुनेत्रा के हाथों को थाम लिया ! सुनेत्रा ने आगे बढ़ कर टी वी बंद कर दिया ! 

“क्या मम्मी ! आप भी बस जाने क्या-क्या सोचती रहती हो ! अच्छा यह बताओ आपको मेरे चरित्र और संस्कारों पर संदेह है या अपनी परवरिश और सीख पर ? क्या सच में आपको इतना डरने की ज़रुरत है ?” सुनेत्रा मम्मी की पीठ को हौले-हौले सहला रही थी और शालिनी का उद्विग्न मन धीरे-धीरे शांत होता जा रहा था ! उसने प्यार से सुनेत्रा के माथे को चूम लिया, “अब जा जल्दी से नहीं तो फिल्म छूट जाएगी !” और सुनेत्रा लम्बे-लम्बे डग भरते हुए कमरे से बाहर निकल गई ! 


साधना वैद  

चित्र - गूगल से साभार 


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