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Saturday, May 9, 2015

अम्मा तुझे सलाम

             
                मातृ दिवस पर आप सभीको हार्दिक शुभकामनायें
  

माता के सम्मान को, जो सुत जाये भूल,

हिय में उसका आचरण, चुभता जैसे शूल !



माँ की ममता का कभी, चुका न पाये मोल,

उसके प्यार दुलार का, हर पल है अनमोल !



माँ की नज़रें पारखी, करतीं सबको मूक,

सही गलत के भेद में, कभी न होती चूक !



माँ तेरा निर्मल हृदय, था सबका आवास,

लक्ष्मी, दुर्गा, शारदे, करतीं उसमें वास !



तूने सिखलाया हमें, करना खुद पर मान,

कभी न पल को छोड़ते, धैर्य आत्मसम्मान !



धूप छाँह सी ज़िन्दगी, रंगों का आगार,

हमने माँ हर रंग से, सजा लिया संसार !



माता तेरी सीख का, है मुझ पर उपकार,

तेरी शिक्षा से चले, मेरा घर संसार !



माँ, सागर सी गहनता, पर्वत सा विश्वास,

झरने सी उन्मुक्तता, देते तेरा भास !



जिसने अपनी मात का, किया नहीं सम्मान, 

प्रभु की नज़रों से गिरा, मिला न जग में मान !



श्रद्धा की भावांजली, औ’ आँसू के हार,

अर्पित हैं माता तुझे, अनुपम यह उपहार !







साधना वैद


Tuesday, May 7, 2013

माँ



रात की अलस उनींदी आँखों में
एक स्वप्न सा चुभ गया है ,
कहीं कोई बेहद नर्म बेहद नाज़ुक ख़याल
चीख कर रोया होगा ।

सुबह के निष्कलुष ज्योतिर्मय आलोक में
अचानक कालिमा घिर आयी है ,
कहीं कोई चहचहाता कुलाँचे भरता मन
सहम कर अवसाद के अँधेरे में घिर गया होगा ।

दिन के प्रखर प्रकाश को परास्त कर
मटियाली धूसर आँधी घिर आई है ,
कहीं किसी उत्साह से छलछलाते हृदय पर
कुण्ठा और हताशा का क़हर बरपा होगा ।

शिथिल शाम की अवश छलकती आँखों में
आँसू का सैलाब उमड़ता जाता है ,
कहीं किसी बेहाल भटकते बालक को
माँ के आँचल की छाँव अवश्य मिली होगी ।

साधना वैद