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Monday, August 20, 2012

हौसला रख




आँसुओं की इस लड़ी से ताज भी गढ़ना होगा,
मुस्कुरा के ताज को मस्तक पे पहनना होगा,  
ज़िंदगी ये फूल लिये राह में तेरे है खड़ी,
दर्द के सहरा को तो इक रोज गुज़रना होगा !


साधना वैद

11 comments :

  1. आँसुओं की इस लड़ी से ताज भी गढ़ना होगा,
    कभी-कभी बहुत कठिन हो जाता है .... :'(

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  2. कभी-कभी बहुत कठिन हो जाता है
    लेकिन हौसला बुलंद हो तो सब आसान भी होजाता है..्सुन्दर..

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  3. आपकी इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल २१/८/१२ को http://charchamanch.blogspot.in/ पर चर्चाकारा राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका स्वागत है

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  4. हिम्मत गर करे इन्सा ,जीत कर आते है
    हौसला बुलंद था ,तभी ताज बन जाते है,,,,,

    RECENT POST ...: जिला अनुपपुर अपना,,,

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  5. बहुत सुन्दर भाव लिए पंक्तियाँ |
    आशा

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  6. बहुत सुन्दर .........हौसला हमें विजय की ओर ले जाता है

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  7. यही हौसला आगे बढ़ाती है...सकारात्मक रचना !!

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  8. पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है...सुन्दर प्रस्तुति... शुभकामनाये

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