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Sunday, August 21, 2011

बढ़े चलो













आज देश में देशभक्ति की जैसी उत्ताल तरंगें देखने को मिल रही हैं वह अभूतपूर्व हैं ! आपको सलाम अन्ना आपने सभी भारतीयों को उनकी सुषुप्त शक्ति और शौर्य से परिचित कराया ! उन्हें उनके अधिकारों और दायित्वों का भान कराया और सर्वोपरि भ्रष्ट नेताओं के साथ जुड़ कर अपनी साख खोती गाँधी टोपी की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया ! हमारा तिरंगा इसी तरह संसार में सबसे ऊँचा लहराता रहे और भारत देश की गिनती विश्व के भ्रष्ट राष्ट्रों में नहीं अपितु सबसे महान देशों में हो यही मंगलकामना है !

मातृभूमि ने ललकारा है, बढ़े चलो ,

साँपों ने घेरा डाला है बढ़े, चलो !


दुश्मन घर में ही बैठा है, बढ़े चलो,

शतरंजी चालें चलता है बढ़े, चलो ,

छल बल से सबको ठगता है, बढ़े चलो ,

उसको पाठ पढ़ाना होगा, बढ़े चलो !


शीशा उसे दिखाना होगा, बढ़े चलो ,

झुकना नहीं झुकाना होगा बढ़े, चलो ,

डरना नहीं डराना होगा बढ़े, चलो ,

उसको सबक सिखाना होगा, बढ़े चलो !


मन में जोश जगाना होगा, बढ़े, चलो ,

रगों में खून बहाना होगा, बढ़े चलो ,

स्वाभिमान अपनाना होगा, बढ़े चलो ,

गौरव गान सुनाना होगा, बढ़े चलो !


स्वविवेक को नहीं छोड़ना, बढ़े चलो ,

मर्यादा को नहीं तोड़ना, बढ़े चलो ,

स्वार्थ की रोटी नहीं सेकना, बढ़े चलो ,

मुड़ पीछे नहीं देखना, बढ़े चलो !


माँ का क़र्ज़ चुकाना होगा, बढ़े चलो ,

जीवन सफल बनाना होगा, बढ़े चलो ,

सबका दर्द मिटाना होगा, बढ़े चलो ,

देश का मान बढ़ाना होगा, बढ़े चलो !


अपनी शक्ति को पहचानो, बढ़े चलो ,

देश भक्ति को भी तो जानो, बढ़े चलो ,

आज विश्व को सच दिखला दो, बढ़े चलो ,

अम्बर में झंडा फहरा दो, बढ़े चलो !


जयहिंद जय भारत !


साधना वैद !


चित्र गूगल से साभार