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Sunday, May 31, 2026

फूल और काँटे

 




फूलों की चाह है तो काँटों को चुनना होगा 

उड़ने की चाह है तो पंखों को खुलना होगा 

ऐसे ही नहीं होती हर चाहत किसी की पूरी 

कुछ बनने की चाह है तो सपनों को बुनना होगा ! 


साधना वैद  


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