आज देश में देशभक्ति की जैसी उत्ताल तरंगें देखने को मिल रही हैं वह अभूतपूर्व हैं ! आपको सलाम अन्ना आपने सभी भारतीयों को उनकी सुषुप्त शक्ति और शौर्य से परिचित कराया ! उन्हें उनके अधिकारों और दायित्वों का भान कराया और सर्वोपरि भ्रष्ट नेताओं के साथ जुड़ कर अपनी साख खोती गाँधी टोपी की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित किया ! हमारा तिरंगा इसी तरह संसार में सबसे ऊँचा लहराता रहे और भारत देश की गिनती विश्व के भ्रष्ट राष्ट्रों में नहीं अपितु सबसे महान देशों में हो यही मंगलकामना है !
मातृभूमि ने ललकारा है, बढ़े चलो ,
साँपों ने घेरा डाला है बढ़े, चलो !
दुश्मन घर में ही बैठा है, बढ़े चलो,
शतरंजी चालें चलता है बढ़े, चलो ,
छल बल से सबको ठगता है, बढ़े चलो ,
उसको पाठ पढ़ाना होगा, बढ़े चलो !
शीशा उसे दिखाना होगा, बढ़े चलो ,
झुकना नहीं झुकाना होगा बढ़े, चलो ,
डरना नहीं डराना होगा बढ़े, चलो ,
उसको सबक सिखाना होगा, बढ़े चलो !
मन में जोश जगाना होगा, बढ़े, चलो ,
रगों में खून बहाना होगा, बढ़े चलो ,
स्वाभिमान अपनाना होगा, बढ़े चलो ,
गौरव गान सुनाना होगा, बढ़े चलो !
स्वविवेक को नहीं छोड़ना, बढ़े चलो ,
मर्यादा को नहीं तोड़ना, बढ़े चलो ,
स्वार्थ की रोटी नहीं सेकना, बढ़े चलो ,
मुड़ पीछे नहीं देखना, बढ़े चलो !
माँ का क़र्ज़ चुकाना होगा, बढ़े चलो ,
जीवन सफल बनाना होगा, बढ़े चलो ,
सबका दर्द मिटाना होगा, बढ़े चलो ,
देश का मान बढ़ाना होगा, बढ़े चलो !
अपनी शक्ति को पहचानो, बढ़े चलो ,
देश भक्ति को भी तो जानो, बढ़े चलो ,
आज विश्व को सच दिखला दो, बढ़े चलो ,
अम्बर में झंडा फहरा दो, बढ़े चलो !
जयहिंद जय भारत !
साधना वैद !
चित्र गूगल से साभार